मौलेखाल। विकासखंड के स्याहीलैण ग्राम पंचायत में मनरेगा मजदूरी में घपले का मामला सामने आया है। शिकायत कर्ता का आरोप है कि मिलीभगत से बाहर रहने वाले लोगों के खातों में मनरेगा मजदूरी डालकर सरकारी धन को ठिकाने लगाया गया है। शिकायत कर्ता सेवानिवृत्त शिक्षक प्रेम सिंह का आरोप है कि ग्राम विकास और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने दिल्ली, राजस्थान और अन्य बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के खातों में धनराशि डाली गई है।
आरोप है विभागीय मिलीभगत के चलते एक मृतका के खाते में भी मज़दूरी की धनराशि भेजी गयी है। अधूरे कार्य के बाद भी योजनाओं का पूरा भुगतान कर दिया गया है। शिकायत के बाद तहसीलदार सल्ट ने विकास कार्यों की जांच की है। तहसीलदार आबिद अली ने कहा कि स्याहीलैण में विकास कार्यों के संबंध में जांच पूरी कर कर ली है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी हरि कृष्ण आर्या ने कहा कि स्याहीलैण में मनरेगा कार्यों में मृतक व्यक्ति के नाम कोई भी मजदूरी नहीं डाली गई है। यदि बाहरी क्षेत्रों में रह रहे किसी व्यक्ति के खाते में मजदूरी डाली गई होगी तो उसके लिये ग्राम प्रधान जिम्मेदार है। ग्राम प्रधान ही मजदूरों का नाम और मस्टररोल भरता है। संवाद