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मानचित्र सहित सभी सूचनाएं अब एक क्लिक में

Mon, 04 Dec 2017 10:20 PM IST
दीप जोशी अल्मोड़ा।
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कर्नाटक के बाद उत्तराखंड जी-गवर्नेंस में प्रवेश करने वाला दूसरा राज्य बन गया है। प्रदेश शासन ने राज्य के सभी जिलों में जीआईएस (ज्योलॉजिकल इंफॉरमेशन सिस्टम) सेल गठित करने की प्रक्रिया शुरूकर दी है। मॉडल के तौर पर अल्मोड़ा, टिहरी और नैनीताल जिलों में जीआईएस सेल गठित हो जाने के बाद प्रदेश शासन ने सभी जिलों में मार्च तक सेल गठित करने के आदेश कर दिए हैं। सेल गठित हो जाने के बाद विभिन्न विभागों से संबंधित सूचनाएं एक क्लिक में मानचित्र सहित उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए नियोजन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में स्थित एनआरडीएमएस केंद्र से तकनीकी सहायता ली जाएगी। जीआईएस सेल गठित होने के बाद नियोजन, विकास और प्रशासनिक कार्यों में मदद मिलेगी।
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भारत सरकार का विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद स्थानीयआंकड़ा आधारित संरचना परियोजना के तहत राज्य में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) और नेचुरल रिसर्च डाटा मैनेजमेंट सिस्टम (एनआरडीएमएस) सेंटर, भूगोल विभाग कुमाऊं विवि अल्मोड़ा के सहयोग से जीआईएस मानचित्र तैयार करने का काम काफी समय से कर रहा है। इस परियोजना के तहत अल्मोड़ा, नैनीताल और टिहरी जिलों में जिला स्तर पर जीआईएस सेल गठित कर दिया गया है। 

प्रदेश शासन ने अब 28 नवंबर को सभी जिलाधिकारियों को जारी आदेश में राज्य के सभी जिलों में जीआईएस सेल गठित करने को कहा है। नियोजन विभाग के सचिव अमित नेगी के निर्देश पर अपर सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने ये आदेश जारी किए हैं। इधर, कुमाऊं विवि एसएसजे परिसर में स्थित एनआरडीएमएस सेंटर के निदेशक प्रो. जेएस रावत ने बताया कि जीआईएस सेल गठित करने के लिए एनआरडीएमएस सेंटर द्वारा तकनीकी सहयोग किया जा रहा है। इसके लिए बजट आदि प्रदेश शासन द्वारा उपलब्ध कराल्या जाएगा।
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ये होगा जीआईएस में
जीआईएस व्यवस्था में जिलों में सभी सड़कों, नदियां, शिक्षा संस्थान, थाने, सभी अस्पताल, पर्यटन स्थल, मंदिर, भूमि, जंगल आदि की भौगोलिक स्थिति, सड़कों से दूरी आदि सूचनाएं मानचित्र सहित तैयार की गई हैं। किसी भी स्थान पर विकास की कोई कार्ययोजना तैयार करते वक्त कंप्यूटर में क्लिक करके संबंधित स्थल का मानचित्र सामने उपलब्ध हो जाता है। इससे योजनाओं का खाका तैयार करने अथवा किसी तरह की अन्य जानकारियां तुरंत प्राप्त करना आसान हो जाता है। 

उत्तराखंड ई-गवर्नेंस के बजाय जी-गवर्नेंस व्यवस्था अपनाने वाला दूसरा राज्य बन जाएगा। शासन के 28 नवंबर को जारी आदेश में सभी जिलों में जीआईएस सेल जल्द गठित करने को कहा गया है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है और उम्मीद है कि आगामी कुछ माह में सभी जिलों में जीआईएस सेल गठित हो जाएगा।
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प्रो.जेएस रावत, निदेशक एनआरडीएमएस केंद्र एसएसजे परिसर अल्मोड़ा
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