अल्मोड़ा का आपदा प्रभावित गांव
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अल्मोड़ा। 2010 और 2012 में आई आपदा के बाद भैंसियाछाना ग्रामसभा के खैरखेत और बूढ़ाधार गावों में भूस्खलन का खतरा देखते हुए प्रशासन ने यहां रहने वाले सभी 61 परिवारों को गांव से विस्थापित करने का फैसला लिया है। इन परिवारों के लिए गांव से कुछ दूरी में एक सुरक्षित स्थान पर करीब 60 नाली से अधिक जमीन चिन्हित कर ली गई है और मनरेगा के अंतर्गत इस जमीन के समतलीकरण का काम किया जा रहा है। भूमि आवंटन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है और शासन से अनुमति मिलते ही इन परिवारों को जमीन आवंटित कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि भैंसियाछाना ब्लाक के खैरखेत और बूढ़ाधार गांव की पहाड़ी में पिछले कई सालों से भूस्खलन हो रहा है। 2010 में इस गांव में भारी भूस्खलन के बाद अनेक ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन बरबाद हो गई। उस वक्त खतरे की जद में आए छह परिवारों को वहां से विस्थापित कर दिया गया। उसके बाद 2012 में दोबारा हुए भूस्खलन के बाद चार अन्य परिवारों को भी घर छोड़ने पड़े थे। दोनों गांवों में उसके बाद भी हर साल भूस्खलन बढ़ता जा रहा है। खास तौर पर बरसात के मौसम में इस पूरे इलाके में खतरा काफी बढ़ जाता है। यहां रहने वाले लोगों की उपजाऊ जमीन भी भूस्खलन से बर्बाद हो चुकी है।
एसडीएम विवेक राय ने बताया कि इन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए कुछ ही दूरी पर जमीन चिन्हित कर ली गई है और भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को फिलहाल शासन स्तर से मंजूरी मिलने का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद विधिवत जमीन आवंटित कर दी जाएगी। उसके बाद उनके लिए आवास बनाए जाएंगे। खतरे को देखते हुए आने वाली बरसात में इन सभी परिवारों को पंचायत घर, स्कूल आदि के अलावा टेंट में टिकाया जाएगा।