नशा हटाओ, पलायन रोको पद यात्रा का ताड़ीखेत विकासखंड के सिलोर घाटी के गांवों में स्वागत हुआ। लोगों ने शराब उन्मूलन के खिलाफ एकजुटता का संकल्प जताया और सामूहिक रूप से शपथ भी ली। वक्ताओं ने कहा कि शराब ने जहां युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया है, वहीं पलायन के कारण गांव के गांव खाली हो रहे हैं।
पद यात्रा सिलोर घाटी के देवलीखेत, नाफणा, दुभणा, सैनेरी, ड्योड़ाखाल आदि गांवों में पहुंची। पद यात्रा के संयोजक डा. प्रमोद नैनवाल ने ग्रामीणों को संबोधित किया। कहा कि सरकारों की उपेक्षा के चलते पहाड़ के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। बंदर, सुअरों के आतंक के कारण सोना उगलने वाले खेत बंजर होने की कगार पर हैं। पलायन रोकने के लिए सरकार की तरफ से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। गांवों में सिर्फ बुजुर्ग ही बचे हैं। ऐसे में कैसे पहाड़ का विकास होगा। गांव-गांव में शराब का प्रचलन बढ़ रहा है। जिस कारण युवाओं का भविष्य खतरे में है।
पहाड़ के विकास के लिए इस बुराई को जड़ से खत्म करना होगा। उन्होंने लोगों से इस मुहिम को आगे बढ़ाने में सहयोग मांगा। इस मौके पर प्रधान जगत सिंह, किशन सिंह, गोपाल सिंह, जीवन सिंह, चंद्रशेखर भट्ट, कुंवर सिंह गोसाई सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।