दूनागिरि मंदिर से ट्रस्ट को खारिज कर वहां प्रशासनिक व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। आंदोलनकारियों ने चौराहे पर प्रशासन का पुतला फूंका, शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। प्रधान संगठन सहित तमाम लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
11 अक्तूबर को क्षेत्र के शिक्षण संस्थान, सरकारी दफ्तर बंद कराने का निर्णय भी लिया गया है। दूनागिरि मंदिर सर्वदलीय संघर्ष समिति का आंदोलन 19वें दिन में प्रवेश कर गया है। आंदोलन की उपेक्षा को लेकर समिति में भारी आक्रोश है।
एक दिन पूर्व आंदोलन को क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी सहित तमाम संगठनों ने समर्थन जता दिया है, अब आंदोलनकारी उग्र आंदोलन के मूड में हैं। इधर सोमवार को प्रशासन का पुतला जलाया गया। कहा कि मांग को लेकर तमाम प्रपत्र दिखाने के बावजूद प्रशासन सार्थक कार्रवाई नहीं कर रहा है।
11 अक्तूबर को शिक्षण संस्थान और सरकारी कार्यालय बंद कराए जाएंगे। 12 अक्तूबर को जिलाधिकारी कार्यालय अल्मोड़ा का घेराव और प्रदर्शन का कार्यक्रम है। पुतला दहन कार्यक्रम में उक्रांद जिलाध्यक्ष खीड़ा जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी, हेम रावत, जगदीश बुधानी, कमला कैड़ा, राधा किरौला, विनोद भट्ट, महेश त्रिपाठी आदि शामिल थे।
इधर प्रधान संगठन के संयोजक लाल सिंह बिष्ट, राधा किरौला, नवीन मैनाली, विपिन पंत, हुकुम किरौला, चंद्रशेखर, सुरेश चंद्र शर्मा, दीपक बिष्ट, विरेंद्र मेहरा, केकेएस रावत, भुवन नाथ गोस्वामी, मदन मोहन कुमैया, कुंदन नेगी, धन सिंह बिष्ट, जोगा राम, ख्याली राम, मदन सिंह, प्रकाश चंद्र, आनंद पांडेय सहित तमाम प्रधान वहां आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे।