जैवविविधता संरक्षण के लिए शोध पर करार
- फोटो : अमर उजाला
अल्मोड़ा। गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा और गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार के बीच करार हो चुका है। करार के तहत दोनों संस्थान वैज्ञानिक सुविधाओं, प्रयोगशालाओं के उपयोग और शोध परियोजनाओं के संचालन में एक दूसरे के सहयोग से काम करेंगे। जीबी पंत संस्थान की ओर से डॉ. पीपी ध्यानी और गुरुकुल कांगड़ी विवि की ओर से कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार ने करार में हस्ताक्षर किए।
जीबी पंत राष्ट्रीय राष्ट्रीय पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान कोसी कटारमल के निदेशक डॉ. ध्यानी ने बताया कि अब दोनों संस्थानों के वैज्ञानिक, शिक्षक और शोध छात्र एक दूसरे के पास जाकर वैज्ञानिकों और शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही शोधार्थी अपने शोध कार्य दोनों संस्थानों के वैज्ञानिकों और शिक्षकों के निर्देशन में कर सकेंगे। दोनों संस्थानों के लोग संयुक्त शोध पत्र भी प्रकाशित कर सकेंगे। डॉ. ध्यानी ने बताया कि पर्यावरण संस्थान भारत सरकार के पर्यावरण और वन जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्तशासी संस्थान है।
वैज्ञानिक और विकासात्मक गतिविधियों को देखते हुए इस संस्थान को हाल ही में उच्चीकृत किया गया है। डॉ. ध्यानी ने बताया कि गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार में पर्यावरण विज्ञान के विभिन्न विषयों के अतिरिक्त सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जंतु और वनस्पति विज्ञान, वन पारिस्थितिकी, कंप्यूटर विज्ञान आदि विषय पर शिक्षण कार्य के अलावा उच्च स्तरीय शोध कार्य किए जाते हैं। इन दोनों संस्थानों के शोधार्थी पूर्व में भी संयुक्त शोध प्रबंध कार्य कर चुके हैं। इस मौके पर हरिद्वार में दोनों संस्थानों के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।