ईड़ा में अनशन पर बैठे ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। ईड़ा में पानी के लिए आमरण अनशन शनिवार को 12वें दिन जारी रहा। समस्या का स्थायी समाधान न होने के कारण आंदोलनकारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। तीन अनशनकारियों को शुक्रवार रात राजस्व टीम ने उठा लिया। उनके स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई थी। दो नए लोग अनशन पर बैठे। इधर, समर्थन में कई महिलाएं भी उपवास पर बैठी।
ईड़ा गांव में लंबे समय से पानी की समस्या बनी है। इस कारण ग्रामीण पिछले 12 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं। शुक्रवार रात अनशनकारी विपिन चंद्र, दीपक सिंह और उमेश सिंह का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनके स्थान पर मोहन सिंह और कमल सिंह आमरण अनशन पर बैठे। उनके समर्थन में बचुली देवी, परुली देवी, भगवती देवी, बचुली देवी, पुष्पा देवी, देवकी देवी ने उपवास किया। ईड़ा के ग्राम प्रधान मनोज रावत, बीडीसी सदस्य शोभा रावत, हेमंत बिष्ट आदि लोग वहां समर्थन देने पहुंचे। अन्य कई लोग भी समर्थन में आते, जाते रहे। वक्ताओं ने कहा कि अनशन को 12 दिन हो गए हैं, इसके बावजूद उनकी सुध नहीं ली जा रही है।
वहीं जल संस्थान के जेई एसएस रौतेला ने बताया कि ग्रामीणों को पानी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1972 में बनी इस योजना में नैथना देवी के पाइप भी लगे हैं। योजना लंबी, पुरानी होने से खराब थी। इसे आंदोलन के समय से लगातार ठीक करने का प्रयास जारी है। वहीं टैंकरों से ग्राम सभा के टैंक में पानी डालकर उसे पंपिंग कर ग्रामीणों को पानी दिया गया है। ग्रेविटी का पानी भी ठीक कर आ रहा है। उन्होंने कहा कि, लंबे समय से बारिश न होने से भी श्रोत में पानी कम है। विभाग पूरा प्रयास कर रहा है।