सीएचसी को पीपीपी मोड से हटाने की मांग को लेकर उक्रांद के बैनर तले चलाया जा रहा आंदोलन बुधवार को इक्कीसवें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों के क्रमिक अनशन को बुधवार को 21 दिन हो गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड से हटाकर पुरानी सरकारी व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर उक्रांद के बैनर तले आंदोलन चलाया जा रहा है। ग्यारहवें दिन पूर्व प्रधान इंदर राम, महेशानंद नैनवाल तथा सूरज कुमयां सहित कुल तीन लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। इधर भवानी देवी, खष्टी देवी, चंद्रादेवी, सरस्वती देवी, भगवत सिंह, नंदन सिंह कैड़ा, कृष्णानंद जोशी, रघुवर दत्त जोशी, बालम सिंह, सुदान सिंह सहित कई लोगों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर समर्थन व्यक्त किया।
अनशन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन को शुरू हुए इक्कीस दिन बीत गए हैं इसके बवजूद पीपीपी मोड से मुक्ति दिलाने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। वक्ताओं ने पीपीपी मोड में व्याप्त खामियों व समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए पीपीपी मोड शीघ्र हटाने की मांग की। इस मौके पर उक्रांद के जिलाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र नेगी, आनंद नाथ, गजेंद्र बिष्ट, बालम सिंह, प्रेमसिंह अटवाल, बालम सिंह, नारायण दत्त तिवारी आदि मौजूद थे। इधर, आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि बीती रात एक बीडीसी सदस्य सहित तीन लोगों ने अनशन स्थल पर आकर अभद्रता की, जिनकी शिकायत थाने में की गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि कुछ लोग इस तरह की हरकतों से आंदोलन को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।