ऐतिहासिक हितचिंतक भवन और स्याल्दे विखोती मेला स्थल से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर नागरिकों का धरना शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। शासन, प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों की सुध न लेने से लोगों में भारी आक्रोश है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे अवैध अतिक्रमण होता रहा, लेकिन अधिकारी खामोश बैठे रहे। वक्ताओं ने कहा कि अवैध अतिक्रमण को कतई वर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने इस बात पर नाराजगी जताई कि छह दिनों से आंदोलन चल रहा है, लेकिन शासन, प्रशासन का कोई नुमाइंदा सुध लेने तक नहीं पहुंचा है। हितचिंतक बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने उग्र आंदोलन की रणनीति तय करने की धमकी दी है।
इसके लिए सभी लोगों से आंदोलन को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की गई। छठे दिन धरने में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद जोशी, अनिल चौधरी, मेला समिति के संरक्षक पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी ओपी हरबोला, श्याम दत्त मैनाली, चंदन नेगी, मुन्ना शाह, मनोज मठपाल, सुधीर शाह प्रकाश अधिकारी, लीलाधर फुलारा, भूपेंद्र कांडपाल, नगेश शाह, आशीष वर्मा, गणेश चौधरी आदि बैठे।