एतिहासिक हितचिंतक भवन और स्याल्दे विखोती मेला स्थल से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को नगर पंचायत अध्यक्ष विमला शाह, मेला कमेटी के सचिव प्रताप बिष्ट और संरक्षक ओपी हरबोला भी धरने पर बैठे। वक्ताओं ने कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं हटा तो विखोती मेले के शुरू होने पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि अतिक्रमणकारी ने शासन-प्रशासन के नुमाइंदों की नाक के नीचे अतिक्रमण कर डाला। जो अतिक्रमण के खिलाफ बोलता है उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी जाती है। वक्ताओं ने कहा कि पूरे मामले में शसासन प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध है। शीघ्र अवैध अतिक्रमण ध्वस्त होना जरूरी है। अप्रैल में स्याल्दे विखोती मेला होना है। यदि उस समय तक अतिक्रमण नहीं हटा तो मेले का आयोजन मुश्किल में पड़ जाएगा। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष नंदा बल्लभ मठपाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल चौधरी, विनोद जोशी, गिरीश चौधरी, श्याम दत्त मैनाली, नरेंद्र सिंह रौतेला, ललित पुजारी, मोहन जोशी, डा. तारा लाल शाह आदि ने भी धरना दिया।
फोटो: 20आरकेटी 10पी: द्वाराहाट में धरने पर बैठे ग्रामीण