रानीखेत (अल्मोड़ा)। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्राम ऐरोली के ग्रामीणों का सब्र सोमवार को टूट गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील में पहुंचे और प्रदर्शन कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
उनका कहना था कि पिछले 20-25 वर्षों से सड़क निर्माण के लिए केवल आश्वासन मिलते रहे लेकिन आज तक सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिल सकी। सड़क के अभाव में बरसात के दौरान आवाजाही बाधित हो जाती है। मरीजों, गर्भवतियों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है जबकि सुविधाओं के अभाव में गांव से पलायन भी लगातार बढ़ रहा है। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत दीक्षिता जोशी के माध्यम से ज्ञापन भेजा।
उन्होंने गांव के लिए शीघ्र सड़क निर्माण नहीं होने पर 2027 के विधानसभा चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी दी। वहां जिला पंचायत सदस्य हिमांशु आर्य, जगदीश सिंह बिष्ट, राहुल कुमार, राजेंद्र सिंह बिष्ट, हेमू सिंह बिष्ट, शोबन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह, राजेंद्र आर्य, महेश आर्य, किशन सिंह बिष्ट, नंदन सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
क्या बोले लोग
पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। अब गांव के लोगों ने तय कर लिया है कि सड़क बनने तक आंदोलन जारी रहेगा। - राहुल कुमार, ग्रामीण
सड़क नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है। सरकार को हमारी समस्या समझते हुए जल्द सड़क निर्माण शुरू करना चाहिए। - राजेंद्र सिंह बिष्ट, ग्रामीण
सुविधाओं के अभाव में गांव से लगातार पलायन हो रहा है। सड़क बनना गांव के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए अब केवल वादों से काम नहीं चलेगा। - हेमू सिंह बिष्ट, ग्रामीण
हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं। यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव में सड़क नहीं तो मतदान नहीं के संकल्प पर गांव के लोग कायम रहेंगे। - शोबन सिंह बिष्ट, ग्रामीण