अल्मोड़ा। जिले में बारिश थमने के बाद एक बार फिर जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। जंगल धधकने से वातावरण में धुंध छाने लगी है जिससे गर्मी में भी इजाफा महसूस किया जा रहा है। मंगलवार को जिले के कई स्थानों पर लगी आग पर फायर सर्विस की टीमों ने समय रहते काबू पाकर बड़े नुकसान को टाल दिया।
जिले के रानीखेत, जागेश्वर, पनुवानौला, डीनापानी में नाप भूमि में आग की घटनाएं सामने आई। फायर टीम ने मौके पर पहुंचकर जिसपर काबू पाया। फायर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सुबह 06:01 बजे फायर स्टेशन को सूचना मिली कि देवलीखेत जीआईसी के समीप जंगल में आग लगी हुई है। सूचना मिलते ही फायर सर्विस यूनिट आवश्यक उपकरणों और वाहन के साथ मौके के लिए रवाना हुई।
घटनास्थल पर पहुंचने पर टीम ने देखा कि जीआईसी देवलीखेत के पीछे जंगल में आग तेजी से फैल रही थी और आसपास के क्षेत्र के लिए खतरा बन सकती थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर कर्मियों ने तत्काल एमएफई की मॉनिटर ब्रांच के माध्यम से आग पर पानी की लगातार बौछार शुरू की।
साथ ही फायर वाहन से पंपिंग कर चारों ओर से आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते कार्रवाई होने से आग को आसपास के जंगल और अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोक दिया गया।
वहीं रानीखेत क्षेत्र के पंतकोटली के पास भी जंगल में आग लग गई। सूचना पर फायर यूनिट तत्काल मौके पर पहुंची लेकिन दुर्गम क्षेत्र होने के कारण आग तक वाहन पहुंचाना संभव नहीं हो सका। इसके बावजूद फायर कर्मियों ने पैदल जंगल तक पहुंचकर टहनियों की सहायता से आग को पीट-पीटकर बुझाया। कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। फायर सर्विस के अनुसार फायर सीजन में अब तक 47 आग की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
आग के कारण तापमान में हुआ इजाफा
बारिश बंद होने के बाद जंगलों के धधकने से तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। जिले में अचानक गर्मी में इजाफा देखने देखने को मिल रहा है। साथ ही वातावरण में भी धुंध छाई हुई है। जिससे सांस लेने में लोगों को तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
बारिश थमने के बाद वनाग्नि की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसको लेकर पूरी टीम सतर्क है। लगातर आग की घटनाओं पर काबू किया जा रहा है।
-दीपक सिंह प्रभागीय वनाधिकारी, अल्मोड़ा