आमरण अनशन पर बैठे राज्य आंदोलनकारी
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चिह्नीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का आमरण अनशन 16वें दिन में प्रवेश कर गया है, जबकि चौथे चरण के अनशन पर बैठे कुंदन राम दूसरे दिन भी डटे रहे। आंदोलनकारियों ने इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से उन्हें गुमराह किया गया है। इस बार निर्णायक जंग लड़ी जाएगी।
मालूम हो कि द्वाराहाट-चौखुटिया के 12 राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण से वंचित हैं। उनका कहना है कि राज्य आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई, कई बार जेल गए, यातनाएं सहीं, लेकिन उनका चयन करने के बजाए, कई ऐसे लोगों को राज्य आंदोलनकारी बना दिया गया है, जिनका आंदोलन से कहीं से कहीं तक सरोकार नहीं रहा।
मांग को लेकर पिछले दो साल में कई बार आंदोलन किया गया, लेकिन हर बार झूठे आश्वासनों के माध्यम से गुमराह किया गया। इस बार निर्णायक जंग होगी, इसके लिए पिछले 16 दिनों से लगातार आमरण अनशन किया जा रहा है। तीन आंदोलनकारियों को प्रशासन ने जबरन उठाकर अस्पताल भेज दिया है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। कहा कि मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। आंदोलन को समर्थन देने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। धरने पर मनोज अधिकारी, महेश त्रिपाठी, मोहन सिंह, दान सिंह राणा, मनोज जोशी, नवीन जोशी, राम सिंह बोरा, किशन नेगी, ध्यान सिंह रावत आदि बैठे।