अल्मोड़ा। निकाय चुनाव में हारकर ग्रामीण क्षेत्रों से नेताजी बनने वाले प्रत्याशियों की सांसें अटकी हुई हैं। उन्हें हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। ऐसे 15 से अधिक प्रत्याशियों ने क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और ग्राम प्रधान पद के लिए टिकट तो ले लिया, लेकिन वह खुलकर प्रचार-प्रसार नहीं कर पा रहे हैं।
चुनाव आयोग की नियमावली के अनुसार एक से अधिक स्थान पर मतदाता सूची में नाम दर्ज वाले प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। अल्मोड़ा जिले के अल्मोड़ा नगर निगम, रानीखेत, द्वाराहाट, भिकियासैंण से कई प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। यहां हार मिलने के बाद उन्होंने पंचायत चुनाव को मौका की तरह देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में नाम दर्ज करा दिया था। अब उनको नामांकन रद्द होने का डर सता रहा है।
द्वाराहाट ब्लाक के जिला पंचायत रवाड़ी सीट से चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी ने नगर पंचायत का चुनाव लड़ा था। इसी ब्लाॅक से प्रमुख रही एक महिला प्रत्याशी ने नगर पंचायत का चुनाव लड़ा था अब वह फिर ब्लाॅक प्रमुख दावेदारी करते हुए चुनावी मैदान में हैं। इसके अलावा कांडे, घघलोड़ी सहित कई अन्य क्षेत्रों से पंचायत का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के चेहरे पर चिंता देखी जा रही है।