रानीखेत (अल्मोड़ा)। नौगांव के फयाटनौला में तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग न तो अकेले बच्चों को स्कूल भेज रहे है और ना ही महिलाएं अकेले खेतों में जा रही हैं। बुधवार को भी तेंदुए ने गांव में एक बकरी मार दी। तेंदुए की दहशत के बीच वन विभाग ने गांव के पास पिंजरा लगा दिया है। हालांकि तेंदुआ अभी तक आदमखोर घोषित नहीं किया गया है। आदमखोर घोषित होने के बाद शिकारियों को बुलाया जाएगा।
रानीखेत तहसील के नौगांव फयाटनौला में सोमवार को देर शाम बाजार से सामान लेकर लौट रहे 40 वर्षीय युवक जगदीश असनौड़ा पर घात लगाए बैठे तेंदुए ने हमला कर जान से मार दिया था। मंगलवार की सुबह गांव से करीब एक किमी दूर सूखे नौले के पास गहरी खाई में झाड़ियों के बीच जगदीश का अधखाया शव मिला था। घटना के बाद से ही वन विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाला हुआ है। विभाग की तरफ से बुधवार को गांव में पिंजरा लगा दिया गया है।
एसडीओ रानीखेत के नेतृत्व में वन विभाग की आठ सदस्यीय टीम मौके पर गश्त कर रही है। इधर खूंखार बने तेंदुए ने बुधवार की सुबह भी गांव के पास ही एक बकरी को मार डाला जिससे क्षेत्र में दहशत काफी बढ़ गई है। रानीखेत के वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने बताया कि जरूरत पड़ने पर गांव के दूसरी तरफ भी एक पिंजरा लगाया जाएगा।
तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद शिकारी बुलाए जाएंगे। कई शिकारियों से संपर्क किया गया है। पीड़ित परिवार को अहेतुक राशि भी प्रदान की जाएगी। इधर तेंदुए के आतंक से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
अभी तेंदुए को आदमखोर घोषित नहीं किया गया है। ड्रोन और ट्रेंकुलाइजेशन टीम को नौगांव में बुलाने के लिए भी आवेदन कर दिया गया है। कैमरा ट्रैप सेट कर घटना स्थल के आसपास और गांव को आने-जाने वाले रास्तों पर तेंदुए की गतिविधि पता की जाएगी। पीड़ित परिवार को अहेतुक राशि देने की प्रक्रिया जारी है। गांव में तेंदुए की सक्रियता काके पता करने के लिए वहां कर्मचारी तैनात किए गए हैं। - तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत।
विधायक नैनवाल ने तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के दिए निर्देश
रानीखेत। फयाटनौला गांव में तेंदुए द्वारा युवक को निवाला बनाए जाने के मामले में क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों से गांव में पिंजरा लगाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में तेंदुए सक्रिय हैं। वन विभाग के उच्चाधिकारियों से भी इस संबंध में वार्ता की गई है। वन विभाग के उच्चाधिकारियों को तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मृतक के परिजनों को हर संभव मदद के लिए भी कहा गया है। संवाद