रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत नगर में सिलसिलेवार हुई चोरी के प्रयास की घटनाओं का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। 25 अप्रैल को नकाबपोश ने यहां एचडीएफसी बैंक के एटीएम में सेंधमारी कर एटीएम को क्षतिग्रस्त कर दिया था, इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। प्रशासन ने पुलिस, व्यापार मंडल और बैंकर्स के साथ बैठक कर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
बता दें कि 13 दिन पूर्व चोरों ने नगर के मुख्य डाकघर में सेंधमारी कर पीछे के दरवाजे के ताले तोड़ दिए और अंदर प्रवेश कर वहां सभी दस्तावेज बिखरा दिए थे। मार्च महीने में ही चोरों ने यहां नैनीताल बैंक मुख्य गेट और चैनल गेट पर लगे आठ ताले गैस कटर से काट दिए थे, हालांकि चोर कैश चुराने में नाकाम रहे। इससे पहले मजखाली डाकघर में भी सेंधमारी कर वहां से तिजोरी उड़ा ली गई थी।
कुछ दिन पूर्व चोरों ने बिंता स्थित सहकारी बैंक के ताले तोड़ दिए थे। तमाम घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों ने तत्काल पुलिस से चोरी के मामलों का खुलासा करने की मांग की है। इधर, संयुक्त मजिस्ट्रेट जय किशन ने जहां उच्च गुणवत्तायुक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले का शीघ्र खुलासा करने को कहा है। हालांकि आठ दिन भी पुलिस के हाथ खाली है।
चोरी के प्रयासों की घटनाओं का पता लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह से कार्य कर रही है। कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई है। लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। शीघ्र ही पुलिस इन मामलों का खुलासा करेगी। -तिलक राम वर्मा, पुलिस क्षेेत्राधिकारी रानीखेत।