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एडीबी ने सीवर सिस्टम को पूरा करने से हाथ खींचे

Sun, 04 Feb 2018 10:31 PM IST
नवीन उपाध्याय 
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एशियन डेपलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा प्रदेश के नौ शहरों में सीवर सिस्टम और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ऋण देने की सैद्धांतिक सहमति दी गई है, लेकिन इस सूची में अल्मोड़ा शहर को शामिल नहीं किया गया है। एडीबी द्वारा हाथ खींच लेने से शहर में एक दशक से अधूरी पड़ी सीवरेज लाइन का कार्य जल्द पूरा होने में संशय है। 

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एडीबी द्वारा प्रदेश के हरिद्वार, देहरादून, रुड़की, रामनगर, नैनीताल, हल्द्वानी, काशीपुर, कोटद्वार और रुद्रपुर शहरों के लिए 1500 करोड़ लोन की सैद्धांतिक सहमति दी गई है, लेकिन इस सूची में अल्मोड़ा शहर का नाम नहीं है।

जिस कारण अल्मोड़ा शहर के अधूरे पड़े सीवरेज सिस्टम को पूरा करने के मार्ग में अड़ंगा लग गया है। 2002 से अब तक अल्मोड़ा शहर के एक चौथाई हिस्से में ही सीवर लाइन पड़ी है। 2002 में सीवर लाइन का काम शुरू हुआ और पहले चरण में 6.10 करोड़ रुपये से हीराडुंगरी, एनटीडी, जेल परिसर, राजपुर, मकेड़ी में सीवर लाइन बिछी और कनेक्शन दिए गए। 
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दूसरे चरण में 2005 में तीसरे जोन का कार्य शुरू हुआ। निर्माण एजेंसी जल निगम सर्वे शाखा को 8.10 करोड़ के सापेक्ष 4.85 करोड़ रुपये ही मिले। चंपानौला, खोल्टा साईं बाबा मंदिर, झिझाड़, गुरुरानीखोला, पांडेखोला, कपीना, उप्रेतीखोला मुहल्लों में सीवर लाइन बिछाई गई।

2007 से सीवर लाइन के लिए बजट नहीं मिला है। इस जोन के शेष हिस्सों जोशीखोला, थपलिया के अलावा द्वितीय और चतुर्थ जोन में भी सीवर लाइन नहीं डाली जा सकी है। सीवर के अभाव शहर में स्वच्छता अभियान को भी बट्टा लग रहा है। 


सरकार शहर के विकास को गंभीर नहीं : पालिकाध्यक्ष 

पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने एडीबी द्वारा शहर की अधूरी सीवरेज योजना से हाथ खींच लेने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि एडीबी द्वारा 2016 में ही सीवर लाइन का काम शुरू किया जाना था, शहर में सीवरेज सिस्टम पूरा नहीं हो पाने के कारण स्वच्छ भारत मिशन के संकल्प को पूरा नहीं किया जा पा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौ शहरों में अल्मोड़ा शहर का नाम शामिल नहीं है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। अल्मोड़ा को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर सरकार गंभीर नहीं है, जबकि वह इस संबंध में लगातार सरकार से पत्र व्यवहार कर रहे हैं।

पालिकाध्यक्ष ने प्रदेश के शहरी विकास मंत्री को पत्र भेजकर नगर के शेष तीन चौथाई हिस्से में सीवर लाइन बिछाने के लिए धनावंटित करने की मांग की है। 

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