रामगंगा सेवा समिति और व्यापारियों की बैठक में प्रशासन द्वारा कूड़ा निस्तारण के लिए स्थान उपलब्ध न कराने पर रोष जताते हुए स्वच्छता अभियान को पलिता लगाने के आरोप लगाया। बैठक में कहा गया कि एक ओर प्रदेश और केंद्र सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर व्यापक अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को असहयोगात्मक रवैए से अभियान जोर नहीं पकड़ पा रहा है।
बैठक में कतिपय दुकानदारों द्वारा स्वच्छक के मानदेय के लिए धनराशि जमा न करने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। लोगों का कहना था कि पिछले एक साल से गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन द्वारा कूड़ा निस्तारण के लिए स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसके चलते स्वच्छता अभियान जारी रखना मुमकीन नहीं हो पा रहा है।
इस मौके पर कुछ लोगों ने नगर पंचायत का शासनादेश जारी होने के बावजूद नगर पंचायत के गठन में हो रहे विलंब पर असंतोष जताते हुए शासन-प्रशासन से इस पर शीघ्र कार्रवाई करने के साथ ही प्रशासक नियुक्त करने की मांग की। तय किया गया कि इसके लिए आगामी इक्कीस दिसंबर को दिन में ग्यारह बजे बैठक के बाद तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा जाएगा। कतिपय वक्ताओं की राय थी कि भौगोलिक लिहाज से यदि ग्राम बाखली के ग्रामीण नगर पंचायत से बाहर होना चाहते हैं तो शासन को उस पर भी विचार करना चाहिए।
बैठक में रामगंगा सेवा समिति के एलडी मठपाल, डा. कुलदीप बिष्ट, पूरन संगेला, जीवन नेगी, गोविंद गिरी, गिरधर खत्री, गंगासिंह रावत, परमानंद सती, पृथ्वीपाल जोशी, किसन संगेला, राजेंद्र कांडपाल, राजू पंाडे, कैलाश पांडे, प्रेम घनस्याल, सुंदर सुरेंद्र मेहरा, राजेश अग्रवाल, मनोहर तिवारी, आनंद हर्बोला, हीरालाल वर्मा, हरीश तिवारी, मोहन गोस्वामी, महेश वर्मा, गौरव जोशी, केवल रावत, रमेश नेगी, सुनील आदि कई लोग मौजूद थे।