अनंत निधि का अल्मोड़ा में बंद पड़ा कार्यालय।
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अल्मोड़ा। अनंतनिधि क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी के स्थानीय कर्ताधर्ता अल्मोड़ा माल रोड में स्थित ऑफिस को खाली करके रातों-रात फरार हो गए हैं। कंपनी के लोग खाता धारकों का सारा रिकार्ड भी अपने साथ ले गए। ऑफिस में ताला लग जाने से जिले के करीब दो हजार से अधिक खाता धारकों के 10 करोड़ रुपये से अधिक डूबने की आशंका है। अकेले धौलछीना शाखा में ही खाताधारकों के डेढ़ करोड़ रुपये जमा हैं।
बता दें कि मई माह में कंपनी के बागेश्वर ऑफिस में कार्यरत प्रबंधक और अन्य कर्मचारी कार्यालय में ताला लगाकर फरार हो गए थे। उसके बाद से अल्मोड़ा जिले के खाता धारकों में हड़कंप मच गया था। खाताधारक पिछले काफी समय से अनंत निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के मालिकों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग उठा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अल्मोड़ा ऑफिस में कार्यरत प्रबंधक और अन्य कर्मचारी तीन दिन पहले रात में आकर सारा रिकार्ड और जरूरी सामान लेकर फरार हो गए। इधर भवन स्वामी कृष्णा गोस्वामी ने बताया कि उन्हें भी छह माह से किराया नहीं मिल रहा था। उन्होंने कई बार स्थानीय प्रबंधक लक्ष्मण से किराए का भुगतान करने को कहा लेकिन वह कुछ जवाब नहीं दे पा रहा था। भवन स्वामी कृष्णा गोस्वामी ने बताया कि कुछ दिन पहले कंपनी के लोग रात में सारा सामान लेकर फरार हो गए हैं। उन्होंने अब भवन पर अपना ताला डाल दिया है।
बताया गया है कि 2013 में कंपनी खुलने के बाद से अल्मोड़ा जिले में अल्मोड़ा नगर के अलावा रानीखेत, धौलछीना, सोमेश्वर, चौखुटिया आदि स्थानों में हजारों खाताधारकों ने आकर्षक ब्याज की योजनाओं के झांसे में आकर मासिक, प्रतिदिन राशि जमा करने के अलावा एफडी आदि बनाकर कंपनी में निवेश किया है। बताया गया है कि खाता धारकों द्वारा जमा करोड़ों रुपये कंपनी के मालिक बैंक खातों के जरिये लखनऊ स्थित कंपनी के कथित हेड ऑफिस में मंगाते रहे। जानकारी के मुताबिक कर्मचारियों को भी पिछले करीब छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इनमें अधिकांश कर्मचारी स्थानीय क्षेत्रों के ही रहने वाले हैं।
सबसे ज्यादा कर्मचारियों के रिश्तेदारों का पैसा फंसा
अल्मोड़ा अनंत निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारी संकट में पड़ गए हैं। इन कर्मचारियों ने कंपनी के मालिकों के झांसे में आकर ज्यादातर अपने निकटस्थ रिश्तेदारों और अन्य करीबी लोगों को पैसा जमा कराने के लिए प्रेरित किया। शुरू में कंपनी ने छोटी जमा के बदले ब्याज के साथ भुगतान कर दिया लेकिन हाल के कुछ वर्षों से लोगों का पैसा फंसता चला गया।