अल्मोड़ा। पहाड़ की खेती को बर्बाद कर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे वन्यजीवों पर लगाम लगाने की पहल शुरू हो चुकी है। कृषि विभाग ने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों पर चैनलिंग फेसिंग स्थापित करने की योजना बनाई है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए विभाग ने तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। राहत भरी खबर है कि प्रस्ताव को शासन से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है।
जिले के 11 विकासखंड में एक लाख से अधिक किसान आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं लेकिन बंदर और सुअरों का झुंड किसानों की कड़ी मेहनत से तैयार फसलों को बर्बाद कर रहा है। फसल बर्बाद होने से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कृषि विभाग ने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए तीन करोड़ रुपये की लागत से चैनलिंग फेसिंग योजना शुरू करने की योजना बनाई है। प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब विभाग को बजट अवमुक्त होने का इंतजार है। इस योजना के अस्तित्व में आने से जिले के किसानों को वन्यजीवों से हो रहे नुकसान से मुक्ति मिलने की उम्मीद जगी है।
कृषि विभाग उठाएगा पूरा खर्च
योजना के तहत विभाग ग्राम पंचायत और समूह के माध्यम से चैनलिंग फेसिंग का प्रस्ताव मांगेगा। इसके बाद किसानों के खेतों के चारों ओर मजबूत चैनलिंग फेसिंग लगाई जाएगी। फेसिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का पूरा खर्च विभाग स्वयं उठाएगा। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
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किसान खेती से कर रहे किनारा
वन्यजीवों से हो रहे नुकसान के कारण कई किसान खेती से किनारा कर रोजगार के लिए गांवों से पलायन कर चुके हैं। ऐसे में किसानों के खेत अब बंजर हो चुके हैं। उम्मीद है कि योजना के पूरा होने पर खेती से मुंह मोड़ चुके किसान खेती की ओर लौटेंगे।
कोट
वन्यजीवों से किसानों को हो रहे नुकसान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में चैनलिंग फेसिंग स्थापित करने की योजना बनाई गई है। बजट अवमुक्त होते ही प्राथमिकता के साथ फेंसिंग लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसका सीधा लाभ जिले के लाखों किसानों को मिलेगा। -आनंद गोस्वामी, जिला कृषि अधिकारी अल्मोड़ा