आक्रोशित लोगों को समझाती एसडीएम याक्षी अरोड़ा।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण से नवजात को हायर सेंटर ले जाने के दौरान उसके रास्ते में मौत हो जाने से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल पहुंच कर सांकेतिक तालाबंदी की। उन्होंने नारे लगा कर विरोध जताया। सूचना मिलने पर एसडीएम याक्षी अरोड़ा मौके पर पहुंची। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
नगर पंचायत भिकियासैंण के अंतर्गत वार्ड एक गांधीनगर के बाड़ीकोट निवासी उमा देवी (33) पत्नी कुबेर सिंह को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी भिकियासैंण में भर्ती किया गया । उमा ने करीब सुबह आठ बजे के आसपास नवजात शिशु ( लड़के ) को जन्म दिया। दोपहर बाद अचानक नवजात शिशु को दिक्कत होने लगी। नवजात की हालत देखकर डाॅक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर किया। नवजात शिशु को 108 एंबुलेंस से हायर सेंटर ले जाने से दौरान महज छह किमी दूरी पर दम तोड़ दिया।
नवजात की मौत की सूचना से आक्रोशित लोग अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने डाॅक्टरों पर इलाज नहीं करने तथा मानकों के अनुसार सुविधाएं नहीं होने पर हंगामा किया। साथ ही अस्पताल के मुख्य गेट पर सांकेतिक तालाबंदी की। सूचना मिलने पर एसडीएम याक्षी अरोड़ा मौके पर पहुंच गई। उमा देवी के पति कुबेर सिंह ने लापरवाही की जांच करने के लिए एसडीएम को लिखित में पत्र दिया। वहां नगर पंचायत अध्यक्ष दीपक बिष्ट, सभासद भावेश बिष्ट, संजय बंगारी, महिपाल सिंह, आंनद नाथ, मोहन सिंह, प्रेम सिंह, नवीन रावत, शीला देवी, आशा देवी, हंसी देवी, शांति देवी, कविता देवी आदि मौजद रहे।
सीएचसी में सुबह आठ बजे के आसपास उमा देवी को भर्ती किया गया था। जांच करने पर शिशु द्वारा अंदर ही मल-मूत्र करने के लक्षण मिले। उसके बाद भी उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया। जन्मे शिशु की स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया।
-डा.शिबांगी, चिकित्सक सीएचसी भिकियासैंण