चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्राम पंचायत बाईस ओखला में शुक्रवार की रात रसोई गैस के रिसाव से लगी आग की चपेट में आने से बुजुर्ग दंपती बुरी तरह झुलस गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत दोनों को उपजिला चिकित्सालय चौखुटिया पहुंचाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार घर में गैस सिलिंडर खत्म होने पर उसे बदला गया। इस दौरान नया सिलिंडर लगाया गया लेकिन उसका रेग्यूलेटर सही से नहीं लगा जिससे पिन दबने के कारण सिलिंडर से गैस का रिसाव हाता रहा और गैस कमरे में फैल गई। बाद में खाना बनाने के लिए जैसे ही गैस चूल्हे को जलाने का प्रयास किया गया तो कमरे में भरी गैस ने आग पकड़ ली और बुजुर्ग दंपती बाईस ओखला निवासी बची राम (62) पुत्र नंदराम और उनकी पत्नी तुलसी देवी (60) उसकी चपेट में आकर झुलस गए।
इसकी जानकारी जब ग्रामीणों को मिली तो अफरातफरी मच गई। ग्रामीण और परिजन उन्हें तुरंत उपचार के लिए उपजिला चिकित्सालय चौखुटिया लेकर पहुंचे जहां पर उनको प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमजद खान ने बताया कि दोनों करीब 40 प्रतिशत तक झुलसे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया। परिजन उन्हें लेकर हल्द्वानी पहुंचे। गामीणों के अनुसार वहां से भी उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया है।
गैस सिलिंडर की पिन दबाने से हुआ हादसा, एजेंसी ने किया निरीक्षण
बुजुर्ग दंपती के झुलसने की घटना के बाद इंडेन गैस सर्विस की टीम ने शनिवार सुबह मौके पर पहुंचकर जांच की। गैस कार्यालय प्रबंधक दिनेश बिष्ट के नेतृत्व में पहुंची टीम ने निरीक्षण के बाद सिलिंडर फटने जैसी किसी घटना से इनकार किया है। टीम के अनुसार रेगुलेटर ठीक से नहीं बैठने पर उपभोक्ता ने पेंसिल की मदद से सिलिंडर की पिन दबा दी। पिन दबे रहने के कारण गैस का दबाव बना रहा और गैस खोलते ही आग लग गई। जांच के दौरान मौके से पेंसिल की टूटी हुई नोक भी बरामद हुई। गैस एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि सिलिंडर की पिन को किसी भी तरह दबाने या गैस उपकरणों से स्वयं छेड़छाड़ करने का प्रयास न करें। रेगुलेटर या सिलिंडर में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर तत्काल संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क करें। एजेंसी ने चेताया कि सुरक्षा उपकरणों के साथ छेड़छाड़ गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।