अल्मोड़ा। सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी कल्याण समिति ने गैस सिलेंडर बुकिंग व्यवस्था पूर्ववत रखने की मांग की है। संगठन ने ऑनलाइन बुकिंग और डीबीटीएल व्यवस्था को पर्वतीय क्षेत्र के लिए अव्यवहारिक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग को लेकर केंद्रीय तेल और प्राकृतिक गैस मंत्री को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ऑनलाइन बुकिंग को मोबाइल जरूरी है, लेकिन पहाड़ में सभी उपभोक्ताओं के पास स्वयं का मोबाइल नहीं है। कई लोग इससे बुकिंग करने में असमर्थ हैं। संगठन ने कहा है कि डीबीटीएल से सब्सिडी बैंक खाते में आने की बात कही जा रही है। इस व्यवस्था के लागू होने से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को काफी परेशानी होगी। खाते से पैंसा निकालने को लोगों को कई चक्कर बैंक के लगाने पड़ेंगे। समय पर अनुदान नहीं मिलने से सिलेंडर खरीदने में भी दिक्कत होगी। कहा गया है कि जटिल व्यवस्था होने से ग्रामीण एलपीजी छोड़ फिर से खाना बनाने को लकड़ी का सहारा लेंगे। इससे पर्यावरण को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडरों की होम डिलीवरी नहीं करने पर रोष जताया है। संगठन ने मंत्री से सिलेंडरों की होम डिलीवरी व्यवस्था लागू करने और गैस बुकिंग और सब्सिडी व्यवस्था को पूर्ववत रखने की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में संगठन के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार पाठक, डा. सुबोध पंत, राजेंद्र प्रसाद जोशी, लक्ष्मी दत्त पांडे, राजेंद्र प्रसाद एमबी साह, जय बल्लभ पांडे, नवीन चंद्र जोशी आदि शामिल हैं।