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बीज के बिना कैसे शुरू होगी बुआई

Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
Almora
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अल्मोड़ा। सरकारें राज्य में उद्यान और कृषि को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े दावे करती हैं, पर हकीकत यह है कि काश्तकारों को समय पर सब्जी बीज तक उपलब्ध नहीं होता। जाड़े के मौसम की दस्तक के साथ सब्जी की बुआई का सीजन शुरू हो गया है, मगर अब तक उद्यान विभाग के पास बीज नहीं पहुंचा है। काश्तकार बाजार से महंगे दाम में बीज खरीद कर खेतों में बोने को मजबूर हैं।
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इस सीजन में मूली, धनिया, पालक, मेथी, लाई, मटर आदि की बुआई की जाती है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश काश्तकारों की आय का मुख्य साधन खेती ही है। कई क्षेत्रों के लोग सब्जी उत्पादन कर आजीविका चलाते हैं। काश्तकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी बुआई के लिए खेत तैयार कर दिए हैं, लेकिन बीज नहीं होने से परेशान हैं। जिले में मूली 828 हेक्टेयर, धनिया 91 हेक्टेयर, पालक 300 हेक्टेयर, मेथी 88 हेक्टेयर, लाही 30 हेक्टेयर, मटर 627 हेक्टेयर क्षेत्र में बोया जाता है।
विभाग उद्यान सचल केंद्रों के माध्यम से काश्तकारों को सरकारी दर पर बीज उपलब्ध करता है पर अभी तक बीज का अतापता नहीं है। उद्यान विभाग ने मूली बीज क्विंटल, धनिया ढाई क्विंटल, पालक दो क्विंटल, मेथी डेढ़ क्विंटल, लाही बीज 50 किलो, मटर के 10 क्विंटल बीज की डिमांड राष्ट्रीय बीज निगम रुद्रपुर को भेजी है। बधाण के पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह बिष्ट ने सरकार से काश्तकारों को जल्द सब्जी बीज उपलब्ध कराने की मांग की है। इधर, जिला उद्यान अधिकारी दयालु राम ने बताया कि अब तक बीज नहीं पहुंचा है। सप्ताह भर के भीतर बीज उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके बाद उद्यान सचल केंद्रों के माध्यम से काश्तकारों को बीज वितरित किया जाएगा।
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