रानीखेत (अल्मोड़ा)। अमेरिकी सेना के ब्रिगेड कमांडर हेसकिंग्स ने कहा कि युद्धाभ्यास में उन्होंने काफी आनंद उठाया। भारत से उन्होंने जमीनी युद्ध से लड़ने की तकनीकें सीखी हैं, जबकि भारतीयों को छापामार युद्ध के बारे में बताया। संयुक्त युद्धाभ्यास से दोनों देशों के रिश्ते प्रगाढ़ होंगे। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है, वह भविष्य में कारगर साबित होगी। यह बात उन्होंने चौबटिया में पत्रकार वार्ता में कही।
भारतीय सेना के मेजर जनरल अश्विनी कुमार ने कहा कि युद्धाभ्यास केवल आतंकवाद के खात्मे को लेकर नहीं था वरन दोनों देशों के सैनिकों की भावनाओं को समझने और एक दूसरे से युद्ध में प्रयोग होने वाली नई तकनीकों को समझाना भी था। यह युद्धाभ्यास भविष्य में दोनों देशों के सैन्य संबंधों को मजबूत बनाने के साथ ही विश्व शांति और स्थिरता कायम करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि दुश्मन देशों के खिलाफ हथियार तो भारत भी उठा सकता है, भारतीय सेना हर मुकाबले के लिए तैयार है, लेकिन भारत शांति से मामले को निपटाने का पक्षधर रहा है।
मालूम हो कि भारत और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास 17 सितंबर को यहां चौबटिया में शुरू हुआ था। सुरक्षा के मद्देनजर यह युद्धाभ्यास गोपनीय रखा गया था। समापन के पहले दिन चौबटिया में दोनों सेनाओं के अधिकारियों ने पत्रकारों से वार्ता कर युद्धाभ्यास के अनुभवों का साझा किया।