अल्मोड़ा। जिले में तेंदुओं के हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सोमेश्वर तहसील के डुंगरकोट गांव में दो दिन पहले ग्रामीण को शिकार बनाने के बाद रविवार को हवालबाग ब्लाक के बल्टा गांव में तेंदुए ने 15 वर्षीय किशोरी पर हमला कर दिया। घायल किशोरी को बेस अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
बल्टा गांव निवासी पूनम मेहता (15) पुत्री स्व. मोहन सिंह मेहता घर से आधा किमी दूर रविवार दिन में करीब 12 बजे मवेशियों को चराने गई थी। घात लगाए तेंदुए ने पूनम पर हमला बोल दिया। साथ आई अन्य महिलाओं के चिल्लाने पर तेंदुआ भाग निकला। तेंदुए ने पूनम के पीठ और पैर में पंजे मार दिए। हमले में पूनम गिर पड़ी और उसका दाहिना हाथ भी फैक्चर हो गया है। इधर वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी ने बताया कि घायल किशोरी के परिजनों को पांच हजार रुपये मुआवजा दे दिया गया है। सोमवार को मौके पर वन कर्मियों को भेजा जाएगा और पिंजरा लगाया जाएगा।
डुंगरकोट में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया पिंजरा
अल्मोड़ा/सोमेश्वर। सोमेश्वर तहसील के डुंगरकोट के ग्रामीण को शिकार बनाने वाला तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है। इससे क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग ने घटनास्थल के समीप पिंजरा लगा दिया है और ट्रेकुलाइजर गन के साथ वनकर्मी क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं, लेकिन पिछले चौबीस घंटे में तेंदुआ नहीं दिखाई दिया है।
मालूम हो कि शुक्रवार शाम बयालाखालसा ग्राम पंचायत के डुंगरकोट गांव निवासी नंदन सिंह कैड़ा (45) पुत्र विशन सिंह कैड़ा को तेंदुए ने मार डाला था। अल्मोड़ा वन प्रभाग के डीएफओ प्रेम कुमार ने बताया कि पिंजरा लगाने के बाद से तेंदुआ क्षेत्र में नहीं दिखा है। बताया कि मृतक के परिजनों को अहैतुक सहायता के रूप में 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। शेष मुआवजा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और आवश्यक कार्रवाई के बाद दिया जाएगा।