अल्मोड़ा। शासन से धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी समय पर निविदाएं आमंत्रित नहीं किए जाने और कम राशि व्यय करने पर जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने स्वजल, जल निगम रानीखेत और लोनिवि के अधिशासी अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने जिला योजना, राज्य, केंद्र और वाह्य सहायतित योजनाओं की 90 फीसदी धनराशि 30 नवंबर तक अनिवार्य रूप से व्यय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेताया कि आदेशों की अवहेलना पर संबंधित विभागों के अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव ने 20 नवंबर को नैनीताल में इस संबंध में बैठक ली थी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह दो दिसंबर तक विभाग की प्रगति रिपोर्ट जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को अनिवार्य रूप से भेजेें। जो विभाग केंद्र पोषित योजनाओं में व्यय नहीं होने वाले बजट को समर्पित कर रहे हैं, इसका औचित्य सहित विवरण माह के अंत तक डीएसटीओ कार्यालय को दें।
बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डीएम ने बताया कि शौचालय निर्माण में धीमी गति के चलते स्वजल डी श्रेणी में है। लघु सिंचाई विभाग सी श्रेणी, बाल प्रतिरक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग बी श्रेणी में है। बैठक में सीडीओ डा. अहमद इकबाल, प्रशिक्षु आईएएस विजय कुमार जोगदंडे, डीडीओ डीडी पंत, परियोजना निदेशक अजय सिंह, जिला अर्थसंख्याधिकारी इला बिष्ट मौजूद थे।