अल्मोड़ा। संसदीय सचिव (उच्च शिक्षा) मनोज तिवारी ने कहा है कि विकास के लिए दूरगामी सोच रखकर ठोस नीति बनानी होगी। श्री तिवारी उत्तराखंड सेवानिधि में उत्तराखंड विकास विमर्शशाला संवाद-2013 को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शहरों और कस्बों में जनसंख्या का दबाव बढ़ रहा है और विकास अवरुद्ध हो रहा है। नगर, भवन प्रबंधन के लिए ठोस नीति जरूरी है। सीवरेज, ड्रेनज की समस्याएं भविष्य के लिए नुकसानदायक है। अध्यक्षता करते हुए कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने कहा कि अल्मोड़ा नगर में जल समस्या गहराती जा रही है। नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए काम करना होगा। डा. एलएमएस पालनी ने आपदा को दृष्टिगत रखते हुए सबक लेकर धरातल पर काम करने की जरूरत बताई।
पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने जल संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष जल मूल्य में 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी करने को जनहित के खिलाफ बताया। वरिष्ठ पत्रकार पीसी जोशी ने अतिक्रमण पर चिंता जताते हुए कहा कि सड़कें सिमट रही हैं और दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
पूर्व न्यायाधीश सुधीर चंद्र वर्मा ने योजनाओं के निश्चित समय में क्रियान्वयन पर बल दिया। कार्यक्रम में आशा डिसूजा, पालिका के ईओ अशोक वर्मा, वीपीकेएस के निदेशक डा. जेसी भट्ट आदि ने विचार रखे। पद्मश्री ललित पांडे ने सभी का आभार जताया। संचालन संवाद पत्रिका के संपादक डा. रमेश पांडे राजन ने किया। इस अवसर पर डा. उमा पालनी, अनुराधा पांडे, प्रो. दया पंत, प्रो. दिवा भट्ट, डा. दीवान नगरकोटी, कमल जोशी, डा. शमशेर सिंह बिष्ट, पीसी तिवारी, डा. एनएस भंडारी, ललित जोेशी, डा. हयात रावत, डा. सयैद हामिद आदि ने भी विचार रखे।