अल्मोड़ा। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि आपदा को रोकने के लिए प्रकृति से छेड़छाड़ बंद करनी होगी। यदि हम समय से नहीं जागे तो भविष्य में परिणाम और भी भयानक होंगे। श्री कुंजवाल ने यहां उत्तराखंड सेवा निधि में बीडी पांडे स्मृति समारोह समिति की प्रदेश स्तरीय विमर्शशाला संवाद 2013 में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि यदि हम प्रकृति से छेड़छाड़ करेंगे तो प्रकृति भी कहर बरपाएगी। आपदाओं पर नियंत्रण के लिए अन्य उपायों के साथ ही प्रकृति के साथ छेड़छाड़ रोकने के प्रयास भी करने होंगे। बीआईटी रांची के पूर्व कुलपति प्रो.एचसी पांडे और रुड़की विवि के पूर्व कुलपति प्रो.पीके पांडे ने पहाड़ी क्षेत्रों में आधुनिक टेक्नोलॉजी का सही तरीके से इस्तेमाल करने पर जोर दिया। वरिष्ठ पत्रकार पीसी जोशी ने कहा कि आज अधिकांश आपदाएं मानव जनित हैं। पालिकाध्यक्ष और संयोजक प्रकाश चंद्र जोशी ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया।
जीबी पंत पर्यावरण विकास संस्थान के निदेशक डा.पीपी ध्यानी, आपदा प्रबंध केंद्र देहरादून के अधिशासी निदेशक पियूष रौतेला, कुमाऊं विवि के डा.जेएस रावत, प्रो.आरके पांडे और विभिन्न स्थानों से आए कैलाश पुष्पवाण, मलिका विरदी, कमल जोशी, रंजन जोशी, थ्रीस कपूर, डा. ललित जोशी, डा.वीपी कोठारी, डा.जीएस नगरकोटी, पद्मश्री डा. ललित पांडे, डा.रमेश पांडे राजन, उमेश जोशी, डा.एससीआर विश्वकर्मा आदि ने विचार रखे। संचालन डा.रमेश पांडे राजन ने किया। इस अवसर पर डा.जेसी भट्ट, डा.शमशेर सिंह बिष्ट, आनंद सिंह बगडवाल, डा.जेसी दुर्गापाल, प्रो. अरुण पंत, शंकर दत्त पांडे, प्रो.दिवा भट्ट, अनुराधा पांडे, डा.एके श्रीवास्तव, एलएस ऐठानी, पीसी तिवारी, जेसी लोहनी कौशल सक्सेना, दिनेश कुंजवाल, आनंद सिंह ऐरी, नंदी कोरंगा आदि मौजूद थे।