फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तेंदुए के डर से दो दर्जन स्कूल बंद रहे

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
Almora
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अल्मोड़ा। दीपावली के दिन लमगड़ा ब्लाक के धनखोली गांव में एक महिला को मार डालने वाला तेंदुुआ अभी तक पकड़ में नहीं आया है। इधर एहतियात के तौर पर क्षेत्र के करीब दो दर्जन प्राथमिक और जूनियर स्कूल बंद रखे गए। तेंदुए को अब तक आदमखोर घोषित नहीं किया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में तीन पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही शिकारी और वन कर्मी भी गश्त कर रहे हैं लेकिन तेंदुआ फिलहाल पकड़ से बाहर है। डीएफओ राहुल सहित वन विभाग के अन्य अधिकारियों ने क्षेत्र का भ्रमण करके स्थिति का जायजा लिया।
तेंदुए ने दीपावली के दिन धनखोली गांव में पूर्व प्रधान कमला देवी को मार डाला था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में लोग दहशत में जी रहे हैं। बच्चे स्कूल जाने में डर रहे हैं। लोग समूहों में ही बाहर निकल रहे हैं। महिलाओं के लिए पशुओं का चारा लाना भी मुश्किल हो रहा है। तेंदुए के आतंक को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को उच्यूर पट्टी क्षेत्र के अनरियाकोट, भटखोला, सुआलटाना, भैंसोड़ा, जसकोट, खिरोली, रतखान, उल्सेटी, पलना, खेर्दा, पौधार, सत्यूं, चौमू, कलसीमा, ढौरा, ठाना मटेना, ओड़यूड़ा, छानाढौरा, असौटा और बजेठी गांवों में स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल शनिवार को बंद रखे। स्कूलों को खोलने के बारे में अग्रिम निर्णय कल लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर डीएफओ राहुल ने शनिवार को क्षेत्र का भ्रमण करके स्थिति के बारे में जानकारी ली। डीएफओ ने बताया कि तेंदुआ प्रभावित इलाके में तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही शिकारी लखपत सिंह, जॉय ह्वीकल तथा वन कर्मी भी रात दिन गश्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तेंदुआ शुक्रवार को क्षेत्र में नजर आया था। डीएफओ ने बताया कि तेंदुए को आदमखोर घोषित करने की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी गई है लेकिन फिलहाल मारने की अनुमति नहीं मिली है। पूर्व प्रधान की जान लेने वाले तेंदुए को मारने की अनुमति नहीं मिलने से लोगों में भारी रोष है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें