रानीखेत/चमड़खान। जीआईसी देवलीखेत में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर ग्रामीणों का आमरण अनशन शुरू हो गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनंद बिष्ट और प्रधान ठाकुर सिंह बिष्ट आमरण अनशन पर बैठे हैं। जबकि कई लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। सभा में ग्रामीणों ने कहा कि जब तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
पाली पछाऊं का सबसे पुराना विद्यालय जीआईसी देवलीखेत लंबे समय से शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहा है। शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर क्षेत्रवासी पूर्व से ही शासन-प्रशासन से मांग करते रहे हैं, गत दिनों ग्रामीणों ने शासन को ज्ञापन भेजकर 15 अगस्त तक अध्यापकों के रिक्त पद भरने की मांग की थी। लेकिन अध्यापक नहीं पहुंचे। परिणाम स्वरूप पस्तौड़ापार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनंद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल आनंद सिंह बिष्ट और दूणी के प्रधान ठाकुर सिंह बिष्ट आमरण अनशन पर बैठे हैं। जबकि कुंवर सिंह गुसाई, शेर सिंह बिष्ट, अमर सिंह, प्रभा बिष्ट, देवकी देवी आदि क्रमिक अनशन कर रही हैं। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय में अध्यापकों के 14 पद रिक्त पड़े हैं। इस अवसर पर दिलावर सिंह, जगत सिंह, मोहन सिंह, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य चंदन बिष्ट, राम सिंह, चंद्रशेखर भट्ट, किशन रावत, कृपाल सिंह, त्रिलोक सिंह सहित तमाम लोग मौजूद थे।