अल्मोड़ा। दुग्ध उत्पादकों की बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि दुग्ध संघ द्वारा दुग्ध उत्पादकों का भुगतान तीन माह विलंब से किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादकों को अभी जनवरी 2019 का भुगतान ही हुआ है। उन्होंने भुगतान समय पर करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में भुगतान एक-डेढ़ माह विलंब से होता था। नई प्रबंध कमेटी के कार्यभार संभालने के बाद यह अवधि तीन माह हो गई। यही नहीं दुग्ध संघ कर्मचारियों को वेतन चार माह विलंब से दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भुगतान की यही स्थिति रही तो गर्मी के सीजन में दुग्ध उत्पादक समितियों को दूध देना बंद कर सकते हैं जिससे घाटे में चल रहे दुग्ध संघ की स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है। प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादकों को चार रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि तो दे रही है, लेकिन दुग्ध संघ दुग्ध मूल्य ही नहीं देगा तो वह कब तक उधारी में दूध देते रहेंगे।
सरकार को घाटे में चल रहे दुग्ध संघ अल्मोड़ा को दुग्ध उत्पादकों को भुगतान करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने सरकार से अगस्त 2016 से मार्च 2017 तक आठ माह की रुकी हुई दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन की राशि जारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा दुग्ध संघ और फेडरेशन में वर्तमान में कांग्रेस की प्रबंध कमेटियां हैं। सरकार फेडरेशन और दुग्ध संघों की तनातनी का खामियाजा दुग्ध उत्पादकों को भुगतना पड़ रहा है। बैठक में डालाकोट के प्रतिनिधि ब्रह्मानंद डालाकोटी, मनिआगर समिति के शिवराज बनौला, दीवान सिंह, मोहन चंद्र, नवीन चंद्र, गिरीश चंद्र, प्रताप सिंह, हीरा बल्लभ आदि मौजूद थे।