फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन भावनाओं के अनुरूप नहीं बना विकास का ढांचा

विज्ञापन
विज्ञापन
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। स्थायी राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति की जन संवाद यात्रा में शामिल लोगों ने भिकियासैंण बाजार में चेतना रैली निकाली। इस मौके पर आयोजित सभा में कहा कि राज्य स्थापना के 18 वर्ष बाद भी उत्तराखंड के जन भावनाओं के अनुरूप न तो गैरसैंण राजधानी बन सकी है और न ही मूलभूत विकास का ढांचा विकसित हो सका है। इसके लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों बराबर दोषी हैं।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को बडियाली तिराहे पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा चार दशक के लंबे संघर्ष के बाद उत्तराखंड राज्य बना लेकिन आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। बल्कि जंगली जानवरों के आतंक से खेती चौपट हो गई है। राज्य में लगातार पलायन हो रहा है। स्थायी राजधानी गैरसैंण को लेकर भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने जनभावनाओं के साथ छलावा किया है।

उन्होंने कहा कि पलायन आयोग में ऐसे लोगों को बैठाया गया है जिन्हें यहां के भूगोल का ज्ञान तक नहीं है। उन्होंने कहा पंचेश्वर बांध में 134 गांव डूब जाएंगे। पहाड़ की जमीन भू माफिया के हाथों जा रही है और शराब से पहाड़ बर्बाद हो रहा है। उन्होंने इन सभी मुद्दों को लेकर निर्णायक आंदोलन की वकालत की। इस मौके पर बाजार में चेतना रैली निकाली गई जिसमें संयोजक चारू तिवारी, पूर्व ब्लाक प्रमुख पुष्कर पाल, राकेश बिष्ट, श्याम बिष्ट, नारायण सिंह, भोले शंकर, मनीष सुंदरियाल, मुकुल भट्ट, सोनी पटवाल, रोहित डिमरी, प्रदीप सती आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें