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पाक्सो एक्ट और धारा 376(2) में सगे भाई पर दोष सिद्ध

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अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने चौखुटिया तहसील के एक गांव निवासी नाबालिग बहन से बलात्कार करने के मामले में सगे भाई को धारा 376(2) और धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया है। न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाने के लिए 19 जुलाई की तिथि तय की है।
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सात दिसंबर 2017 को पिता ने चौदह वर्षीय पुत्री से स्कूल जाने के बारे में पूछा। तो पुत्री ने बताया कि उसका स्वास्थ्य खराब है और वह स्कूल नहीं जा सकती है। बाद में उसके कमरे से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। माता-पिता ने कमरे में जाकर देखा तो नवजात शिशु था। पूछने पर पुत्री ने बताया कि नवजात शिशु उसका है। पुत्री का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया ले जाया गया। परिजन वहां से उसे रानीखेत अस्पताल उपचार के लिए ले गए। नाबालिग के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पिता ने 12 दिसंबर को पटवारी धनस्यारी के यहां नाबालिग द्वारा बताए गए आरोपी पंकज मेहरा निवासी रामपुर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई।

राजस्व उप निरीक्षक ने न्यायालय के समक्ष पीड़िता के धारा 164 में बयान दर्ज कराए। न्यायालय के आदेश पर पीड़िता, नवजात शिशु, आरोपी पंकज मेहरा के खून के नमूने जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजे गए। परीक्षण में आरोपी पंकज मेहता, पीड़िता और नवजात के खून के नमूने मैच नहीं हो पाए। तो पीड़िता ने पुन: अपनी स्वेच्छा से न्यायालय में मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में सगे भाई द्वारा जबरन बलात्कार करने की बात कही और नवजात शिशु भाई का होना बताया।
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न्यायालय के आदेश पर आरोपी भाई और नवजात के खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए। जांच में भाई के खून के नमूने नवजात शिशु के खून के नमूने सही पाए गए। मामला विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में चला। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने न्यायालय में सात गवाह परीक्षित कराए। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी विशेष सहयोग दिया। न्यायालय में आरोपी भाई पर दोष सिद्ध हुआ। जबकि पूर्व में आरोपी बनाए गए पंकज मेहरा के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं होने और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर उसे रिहा किया गया।
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