अल्मोड़ा। नेशनल प्लान ऑफ एक्शन के तहत पंचायत भवन दन्या में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने कहा कि दहेज मांगना भी अपराध है। दहेज देने और लेने वाले को पांच साल तक की कैद और 15 हजार रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि किसी भी महिला की शादी के सात साल के भीतर असाधारण मौत हो जाती है तो माना जाता है कि उसके पति और रिश्तेदार ने उसकी हत्या की है। उन्होंने कहा कि 14 साल से ज्यादा उम्र होने पर भी बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने साइबर लॉ, अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारों, बाल विवाह कानून की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह को संपन्न करने वाले व्यक्ति भी दंड के भागी होते हैं। बाल विवाह में शामिल बराती और रिश्तेदारों को दो वर्ष की सजा मिल सकती है।
इस मौके पर सब इंस्पेक्टर मिथिलेश सिंह बिष्ट, मनोज कुमार, आनंद कुमार, राजस्व निरीक्षक भुवन तिवारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश जोशी, डीके जोशी, पैरा लीगल वालियंटर्स गोविंद गोपाल, गणेश पांडे, अनीता पंत मौजूद थे। शिविर में 450 सरल कानूनी ज्ञान माला पुस्तकें वितरित की गईं।