अल्मोड़ा। व्यापार मंडल शीतलाखेत और प्रधानों ने उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय किए जाने का विरोध किया है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि विलय से विकास संबंधी कार्यों में बाधा आने की पूरी संभावना है। उन्होंने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग में उद्यान विभाग का विलय नहीं करने की मांग की है।
प्रधानों का कहना है कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासनकाल में पर्वतीय जिलों में औद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए पर्वतीय क्षेत्र के लिए 1975 में अलग से उद्यान निदेशालय की स्थापना चौबटिया रानीखेत में की गई थी। यहां की भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार आड़ू, पुलम, खुमानी, सेब, संतरा, लीची, अमरूद, मधुमक्खी पालन आदि की स्थिति अनुसार अलग-अलग इकाइयां स्थापित की गई। लेकिन सरकार अब उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय करने की बात कह रही है। उन्होंने कृषि विभाग में उद्यान विभाग का विलय नहीं करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष शीतलाखेत गणेश चंद्र पाठक, प्रधान नरेंद्र सिंह, महेश जोशी, किशोर जोशी, गीता देवी, जगत सिंह, रेखा लोहनी, किशनी देवी, कमल सिंह आदि शामिल हैं।