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मेजर चित्रेश की शहादत से पीपली गांव में छाया मातम

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रानीखेत। राजौरी सेक्टर में मेजर चित्रेश बिष्ट की शहादत की खबर सुनते ही ताड़ीखेत ब्लॉक स्थित उनके पैतृक गांव पीपली में मातम छा गया। उनके परिजन 40 साल पहले देहरादून शिफ्ट हो गए थे। शहीद बिष्ट के पिता एसएस बिष्ट देहरादून में कोतवाल रह चुके हैं। उनके करीबियों ने बताया कि एक साल पहले ही वह कोतवाल पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके बड़े बेटे की शादी पांच साल पूर्व हुई थी। वह काफी ईमानदार आफिसर माने जाते हैं। शहीद मेजर का विवाह इसी साल 7 मार्च को होना था, घर में शादी की तैयारी चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही दुखद सूचना आ गई। जैसे ही उनके पीपली में उनकी शहादत की खबर मिली गांव में मातम छा गया।

पूजा पाठ के लिए गांव आते रहता है शहीद का परिवार
रानीखेत। ग्राम प्रधान रमेश बिष्ट ने बताया कि शादी विवाह और पूजा पाठ के लिए परिवार अक्सर पीपली गांव आते रहता है। शहीद के पिता सेवानिवृत्त कोतवाल एसएस बिष्ट चार भाई हैं। एक भाई राजेंद बिष्ट की नैनीताल में स्टेशनरी की दुकान हैं, जबकि एक भाई यहां तिपौला में दुकान चलाते हैं। ग्राम प्रधान रमेश बिष्ट ने बताया कि आतंकी गतिविधियों से लगातार देश का माहौल बिगड़ रहा है। युवाओं में भारी आक्रोश है। इसी की भेंट गांव निवासी मेजर चित्रेश बिष्ट भी चढ़े हैं। अब आतंक की कमर तोड़ने का समय आ गया है।
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सूचना मिलते ही पैरों तले खिसक गई जमीन
रानीखेत। अपने गांव के लाल की शहादत की खबर सुनकर पीपली गांव के लोगों गमगीन हो गए। उनके पैरों तले मानो जमीन खिसक गई। उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि उनके गांव का एक लाल शहीद हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि अब आतंक के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे शहीद के देहरादून स्थित घर
रानीखेत। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और रानीखेत के पूर्व विधायक अजय भट्ट ने शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के देहरादून स्थित घर पहुंचे, उन्होंने परिजनों को ढाढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ अब कमर कस चुकी है।
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