चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ब्लाक मुख्यालय में उसाटा संस्था के तत्वावधान में आयोजित मनरेगा विकास कार्यों की जनसुनवाई में प्रधानों की मनरेगा से संबंधित समस्याएं सुनी गई। तथा मौके पर ही पिछले तीन सालों के कार्यों की फाइलों का निपटारा किया गया। प्रधानों ने मनरेगा कार्यों की धीमी गति के लिए सरकार के कड़े नियमों को जिम्मेदार ठहराया। प्रधानों का कहना था कि मनरेगा की मजदूरी महज 175 रुपये होने तथा कर्मचारियों की कमी होने से इसके कार्यों में सीधे नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
बैठक में नए जॉब कार्ड न बनने को लेकर भी रोष जताया गया। कार्यक्रम में मनरेगा की जूरी टीम में शामिल पीएमजीएसवाई के ईई जीसी जोशी, प्रभारी बीईओ दिलशाद आलम तथा इन्हेयर के गिरीश पंत के अलावा बीडीओ नीलकंठ भट्ट, बीएम गुरूरानी, उसाटा के टीम कोडिनेटर सुरेश पंाडे, गीता अधिकारी, प्रेमसिंह, शिवा पाल सहित तमाम ग्राम प्रधान व अन्य लोग मौजूद थे।