अल्मोड़ा। मानव संसाधन विकास संस्थान दिल्ली द्वारा विकास भवन में आयोजित कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिला योजना में ध्यान रखा जाएगा कि जो भी योजनाएं संचालित की जाएं उनका अधिक से अधिक उपयोग हो। जिला चाय, दूध उत्पादन और हस्तशल्पि के क्षेत्र में काफी विकसित है। इस क्षेत्र में जिले में अपार संभावनाएं हैं, जिसके लिए माइक्रोप्लान तैयार कर जिले को विकास की दिशा में ले जाने और बेरोजगारी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली से आए विशेषज्ञ प्रो. आईसी अवस्थी और डॉ. बलवंत मेहता ने कहा कि राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट तैयार करने में यहां की विशेषताओं, भावी अवसरों की स्थिति, संभावना, चुनौतियों, सुझाव लेने के साथ आजीविका संसाधन, रोजगार की स्थिति आदि बिंदु शामिल किए जाएंगे। साथ ही जिन कामों के संपादन में कठिनाई आ रही है उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। पहाड़ में चकबंदी, परिवहन, बाजार की अनुपलब्धता, जंगली जानवरों का आतंक बड़ी समस्या है।
कार्यशाला में डीडीओ मो. असलम, अर्थ एवं संख्याधिकारी जीएस कालाकोटी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह, जिला शिक्षाधिकारी एचबी चंद, राय साहब यादव, जिला आपदा प्रबंध अधिकारी राकेश जोशी, अपर सांख्यिकी अधिकारी सुनीता मल्होत्रा, सहायक निबंधक सहकारिता सीएस पांगती, सुबोध सुमार, महाप्रबंधक उद्योग दीपक मुरारी आदि थे।