अल्मोड़ा। अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्र में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक रिमझिम बारिश हुई। अल्मोड़ा में पिछले 24 घंटों में करीब 60 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बुधवार दोपहर बाद अल्मोड़ा में बारिश नहीं हुई। कहीं से कोई बड़े नुकसान की खबर नहीं है। अल्मोड़ा को जोड़ने वाले अधिकांश राष्ट्रीय मोटर मार्ग खुले हैं। बारिश के कारण जिले में अब तक आठ आंतरिक मोटर मार्ग बंद हो गए हैं, जबकि छह भवनों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इधर बारिश के कारण कसाण बैंड के पास पहाड़ी से मलबा लगातार गिर रहा है। बुधवार सुबह मलबा आने से यह मार्ग करीब आधा घंटा बंद रहा।
भैंसियाछाना के पास बुधवार दिन में देवकी देवी का चार कमरों का मकान टूट गया। दिन के समय घटना होने के कारण किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है। प्रभावित परिवार ने दूसरी जगह शरण ले रखी है। अल्मोड़ा में मंगलवार रात से रुकरुक कर रिमझिम बारिश होती रही। सुबह करीब 11 बजे बारिश थम गई और फिर पूरे दिन बारिश नहीं हुई। इधर बारिश से जिले में अब तक आठ मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने बताया कि बंद ग्रामीण मोटर मार्गों में बसोली से पोखरी-नाई ढौल मोटर मार्ग, दन्या-आरासल्पड़, मोरनोला-खांकर, देघाट-चिंतोली ग्रामीण मोटर मार्ग मंगलवार से बंद हैं।
सुपईखान से बमनतिलाड़ी, हिनौला से काने खलपाड़ी, हरड़ा से पीनाकोट और झीमार से भीताकोट ग्रामीण सड़क बुधवार से बंद हो गईं। इधर बारिश के कारण कसाणबैंड के पास पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है। बुधवार सुबह भी मलबा आने से करीब आधे घंटे तक सड़क बंद रही। जेसीबी से मलबा हटाने के बाद मार्ग खोल दिया गया है। मलबा आने के कारण कुछ देर अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग भी दन्यां से आगे बंद रहा बाद में जेसीबी लगाकर मलबा हटा दिया गया। सोमवार रात को भी तीन ग्रामीणों के घर में मलबा घुस गया था जबकि एक मकान की छत टूटने से घर के अंदर रखा सारा सामान खराब हो गया। प्रभावित परिवारों ने रात में ही दूसरे घरों में शरण ली। बीते दिन राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीम ने क्षेत्र का दौरा कर आपदा प्रभावित परिवारों की जानकारी ली।