मानव तस्करी एक गंभीर समस्या: डा. चंद्र
अल्मोड़ा। नेशनल प्लान ऑफ एक्शन के तहत आयोजित शिविर में विधि विशेषज्ञों ने छात्रों को पोक्सो, पर्यावरण संरक्षण, मानव तस्करी और बाल श्रम के बारे में जानकारी दी। विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डा. शेष चंद्र ने भारत वर्ष में मानव तस्करी को गंभीर समस्या बताते हुए संदिग्ध व्यक्ति को देखे जाने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा।
बियर शिवा स्कूल में आयोजित शिविर में बच्चों को कानूनी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि बालकों का लैंगिक शोषण और लैंगिक दुरुपयोग जघन्य अपराध है और इस पर प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्होंने मानव तस्करी को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि अपराधी किस्म के लोगों द्वारा महिलाओं और बच्चों को बहला फुसलाकर विदेशों में बेचा जा रहा है और वहां उनसे कई नाजायज कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने किसी भी प्रकार के संदिग्ध व्यक्ति को आसपास देखे जाने पर उसकी सूचना पुलिस को देने को कहा। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चों से श्रम करवाया जाना अपराध है।
उन्होंने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देते हुए अपने आस-पास के क्षेत्रों में पौधरोपण करने और पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाने को कहा। इस दौरान किशोर न्याय बोर्ड सदस्य हेमलता भट्ट ने किशोर अपराध और पोक्सो अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जबकि पीएलवी कविता जोशी ने बाल श्रम और उनकी समस्याओं को सामने रखा। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्या नीलम उप्रेती, नीरज जोशी, दीपिका जोशी, हरीश चंद्र पांडे, ललित तिवारी, निर्मला सनवाल, दीपा सिंह, देवेंद्र सिंह, भूपेंद्र कुमार, रोहित डालाकोटी के अलावा पीएलवी विनीता आर्या, लक्षिता बिष्ट, सुनीता रानी, राहुल प्रजापति, विजय खंपा आदि मौजूद रहे। इस दौरान बच्चों को सरल कानूनी ज्ञान माला पुस्तक भी वितरित की गई।