अल्मोड़ा। कर्मचारियों की देहरादून में रैली के कारण जिले में 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी के वाहन बुधवार को ठप रहे। दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इस दौरान 108 एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल सकी और निजी वाहनों के जरिये रोगियों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला को भी उनके परिजन सोमेश्वर से जिला महिला अस्पताल तक निजी वाहन से लेकर आए।
108 एंबुलेंस के कर्मचारी देहरादून में आयोजित रैली में भाग लेने मंगलवार शाम को ही रवाना हो गए थे। जिससे बुधवार को जिले भर में एंबुलेंस का लाभ मरीजों को नहीं मिल पाया। जिले में तैनात 108 एंबुलेंस के 12 और खुशियों की सवारी के आठ वाहनों के पहिये जाम रहे। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हुई।
सोमेश्वर निवासी 23 वर्षीय ममता देवी पत्नी नंदन राम को बुधवार तड़के प्रसव पीड़ा हुई तो उनके परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। काफी बार प्रयास करने के बाद भी फोन नहीं मिल पाया तो परिजन एक निजी वाहन से उन्हें महिला अस्पताल अल्मोड़ा लेकर पहुंचे। महिला के परिजनों का कहना था कि वे गरीब परिवार से हैं सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा से उन्हें काफी मदद मिलती, लेकिन 108 एंबुलेंस की मदद उन्हें नहीं मिल सकी।
इधर 108 एंबुलेंस के जिला प्रभारी शैलेंद्र मैठाणी ने बताया कि बुधवार को जिले में 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी वाहन नहीं चले। कुछ वाहन खराब टायरों की वजह से पहले से ही नहीं चल रहे हैं।