अल्मोड़ा। लघु डाल पंप सिंचाई विभाग में ठेका प्रथा पर रखे गए पंप आपरेटरों को 11 माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। पंप आपरेटरों के पास बच्चों की स्कूल फीस जमा करने और खाने तक के लिए पैसे नहीं हैं। इस मामले में पंप आपरेटर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मानदेय का भुगतान जल्द नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से पंप आपरेटरों का शोषण किया जा रहा है। कहा कि ठेकेदार द्वारा पीएफ भी जमा नहीं किया जाता है। पंप आपरेटरों को 3900 रुपये मानदेय दिया जाता है, लेकिन अप्रैल 2018 से अब तक का मानदेय उन्हें नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंप आपरेटर गरीब लोग हैं। वह मानदेय से ही अपनी आजीविका चलाते हैं।
लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण बच्चों की फीस जमा करने, बिजली बिल जमा करने, बैंक की किश्त जमा करने आदि कार्यों में उन्हें भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पंप आपरेटरों को मानदेय जल्द नहीं दिया गया तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ज्ञापन देने वालों में पंप आपरेटर महेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, हरीश जोशी, जीवन सिंह, मनोज सिंह, हरीश सिंह, प्रहलाद सिंह, गिरीश फुलोरिया, नरेंद्र सिंह, राम सिंह, गंगा राम, हरीश सिंह, राजेंद्र सिंह, नंदन राम, सूरज प्रकाश, पूरन सिंह आदि शामिल थे।