अल्मोड़ा। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला में भागीदारी कर गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान के वैज्ञानिक लौट आए हैं।
कार्यशाला के दौरान दो से पंच जून तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें भारत और विश्व की प्रमुख संस्थाओं ने भाग लिया। लगभग तीन सौ स्टाल लगाए गए थे। जिसमें संस्थान के वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। केदारनाथ आपदा और सरकार द्वारा किए गए पर्यावरण सुरक्षा संबंधी कार्यों को भी प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री हर्षवर्धन और समापन राज्य मंत्री महेश शर्मा ने किया।
इस मौके पर संस्थान की पुस्तक ‘हिमालय को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त कराना’ का विमोचन भी किया गया। संस्थान की ओर से कार्यशाला में निदेशक डॉ. आरएस रावल, वैज्ञानिक डॉ. आरसी सुंदरियाल, डॉ. डीएस रावत, डॉ. जेसी कुनियाल, ई. आरके सिंह, डा. वसुधा अग्निहोत्री, डॉ. आशुतोष तिवारी, डा. हर्षित पंत, डा. सुबोध ऐरी समेत 15 वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने भाग लिया।