अल्मोड़ा। जिला योजना के तहत स्वीकृत धनराशि से निर्माण कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कार्रवाई की जाएगी।
उच्च शिक्षा और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विकास भवन में जिला योजना की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि इस बार जिला योजना में चालू योजनाओं को ही महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने योजना बनाते समय ग्रामीण क्षेत्रों में पानी, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 41.12 करोड़ रुपये का परिव्यय रखे जाने पर सहमति बनी।
उन्होंने बताया कि जिला योजना समिति के सदस्यों और विधायकों के साथ वह 12 जून को अलग से वार्ता करेंगे। जिसमें लोनिवि, वन, प्रधानमंत्री सड़क योजना से संबंधित विभागों के अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने क्षेत्र के विधायकों के साथ योजना बनाते समय समन्वय का ध्यान रखने को कहा। जिला योजना में जनपद को आवंटित धनराशि का 60 प्रतिशत सड़क, सिंचाई, विद्युत आदि में प्रस्तावित करने की बात पर जोर दिया गया। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, राजकीय सिंचाई, जल संस्थान, पर्यटन, शिक्षा के परिव्यय को बढ़ाने और चिकित्सा, उरेडा, सामुदायिक विकास तथा पूल्ड हाउसिंग की योजनाओं में कटौती करने की भी बात कही गई। जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने पिछले साल जिला योजना हेतु स्वीकृत धनराशि के बारे में जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला योजना के तहत सभी योजनाओं की विस्तृृत जानकारी रखी। इस दौरान विधायक जागेश्वर गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक रानीखेत करन मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा, ब्लॉक प्रमुख सूरज सिराड़ी, मुन्नी देवी, हरीश बनोला सहित जिला पंचायत समिति के सभी सदस्यों के अलावा अधिकारी आदि मौजूद रहे।
जिला योजना में आवंटित धनराशि का 60 प्रतिशत सड़क, सिंचाई, विद्युत में होगा उपयोग
योजना में पानी, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखने के निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश
अल्मोड़ा। प्रभारी मंत्री जिले की पेयजल समस्या से निपटने के लिए जल संस्थान के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति के लिए होने वाले खर्च को जिला योजना में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पलायन को रोकने के लिए वन विभाग, उद्यान, कृषि, पर्यटन, मत्स्य पालन, दुग्ध पालन, पशुपालन और रेशम पालन से जुड़े अधिकारियों ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। जबकि पर्यटन विभाग के अधिकारियों को होम स्टे योजना के साथ ही अन्य योजनाओं से युवाओं को जोड़ने को कहा। उन्होंने नये ट्रैकिंग रूटों का भी चयन करने को कहा।
माननीयों के सुझाव पर मंत्री ने दिए निर्देश
अल्मोड़ा। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने बताया कि पिछले वर्षों में भी आपसी विचार-विमर्श के बाद ही जिला योजना को अंतिम रूप दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए जिला योजना को समय से पास कराना भी हमारी प्राथमिकता है। सल्ट के विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखकर जिला योजना में उसका प्राविधान रखना होगा। उन्होंने प्रभारी मंत्री को क्षेत्र की कई समस्याओं की जानकारी भी दी। इस पर प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के विधायकों की समस्याओं के निदान में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि रमेश बहुगुणा समेत द्वाराहाट व विधायक सोमेश्वर के प्रतिनिधि ने भी अपने क्षेत्र की समस्याओं पर प्रकाश डाला।