अल्मोड़ा। फूलों की खेती पर्वतीय क्षेत्र के किसानों के लिए आय का अच्छा साधन हो सकती है। उद्यान विभाग पॉलीहाउस के माध्यम से फूलों की खेती के लिए काश्तकारों को प्रोत्साहित करेगा। ताकि काश्तकार अच्छी आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकें। जिले में विभिन्न स्थानों पर छह हजार वर्ग मीटर में पॉलीहाउस लगाए जाएंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में भी फूलों की खपत बढ़ते जा रही है। विवाह, सार्वजनिक कार्यक्रमों समेत अन्य व्यवसायिक उपयोग के लिए मैदानी इलाकों से फूल मंगाए जाते हैं। उद्यान विभाग की योजना पालीहाउस के माध्यम से बेमौसमी सब्जी उत्पादन के साथ ही काश्तकारों को फूलों की खेती से जोड़ने की है, ताकि काश्तकार अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
मुख्य उद्यान अधिकारी त्रिलोकी नाथ पांडे ने बताया कि विभाग के माध्यम से जिले में 73.14 लाख रुपये की लागत से कुल छह हजार वर्ग मीटर में पॉलीहाउस लगेंगे। सौ वर्ग मीटर पालीहाउस की लागत 1,21,900 रुपये आती है। जिसमें सरकार 80 फीसदी (97520 रुपये) अनुदान देगी, जबकि काश्तकार को 20 फीसदी (24,380 रुपये) अंशदान देना होगा। पांडे ने बताया कि काश्तकारों को पालीहाउस के माध्यम से लीलियम, कारनेसन के अलावा गेंदे की खेती कराने की योजना है। विभाग काश्तकारों को फूलों की खेती के लिए तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराएगा।