द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। विकास प्राधिकरण के खिलाफ द्वाराहाट के लोग भी लामबंद हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों की बैठक में प्राधिकरण को खत्म नहीं करने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्राधिकरण को यहां लागू करने का कोई औचित्य नहीं है। कहा कि भवन बनाने के लिए अब लोगों के सम्मुख मानचित्र पास कराने का संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर और ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियां पहले से ही विकट हैं, ऐसे में सरकार ने प्राधिकरण थोप दिया है। कहा कि द्वाराहाट मंदिरों की नगरी है। इस कारण 200 मीटर की दूरी तक प्राधिकरण द्वारा भवन मानचित्र स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। कहा कि द्वाराहाट से यदि प्राधिकरण नहीं हटा तो नगर के विकास में अवरोध पैदा हो जाएगा और लोग पलायन करने को मजबूर हो जाएंगे।
तय हुआ कि शीघ्र ही सर्वदलीय संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा, इसके बाद उग्र आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनता के सम्मुख जाकर इस काले कानून के खिलाफ एकजुट होने के अपील की जाएगी। बैठक में प्रधान लाल सिंह, हिम्मत सिंह, पूर्व पंचायत अध्यक्ष अनिल चौधरी, महेंद्र मैनाली, भीम सिंह किरौला आदि ने विचार रखे। इस अवसर पर प्रधान पूरन पांडेय, ललित भट्ट, रमेश उप्रेती, बसंत शाह, संतोष तिवारी, आनंद जोशी, शेखर भट्ट, लईक अहमद, दीपक शर्मा, नवीन चंद्र आर्या आदि मौजूद रहे। संचालन नवीन मैनाली ने किया।