अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित बसौली-नाई-ढौल सड़क मार्ग पर निर्माण के सात साल बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। एक दर्जन गांव को जोड़ने वाली इस सड़क पर भकूना के पास नदी में पुल नहीं होने से जहां ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को विवश होना पड़ रहा है। प्रधान संगठन समेत उत्तरांखड संसाधन पंचायत, क्षेत्रीय विकास मंच आदि ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पुल निर्माण के लिए आदेश करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बसौली-नाई-ढौल मोटर मार्ग पर पुल नहीं होने से आवाजाही नहीं हो पा रही है। कई बार पुल निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन शासन, प्रशासन और विभाग सोया पड़ा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांवों के विकास की ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुल निर्माण की मांग को लेकर सितंबर 2016 में क्षेत्र के ग्रामीणों ने बसौली में चक्काजाम भी किया था तब प्रशासन की ओर से एक माह के भीतर टेंडर जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आश्वासन मात्र छलावा साबित हुआ है।
ज्ञापन देने वालों में प्रधान संगठन ताकुला के सुनील बाराकोटी, प्रधान किरड़ा कमला देवी, नाईढौल की प्रधान नीमा देवी, भकूना की शोभा देवी, झिजाड़ के मदन बिष्ट, क्षेत्रीय विकास मंच के अध्यक्ष नवल पंत, सरपंच संगठन के डॅूंगर सिंह, उत्तराखंड संसाधन पंचायत ईश्वर जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता भीम सिंह भाकुनी, बहादुर मेहता समेत आदि शामिल हैं।