अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में भी अब जल्द सेनटरी नेपकिन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। मुंबई से पांच लाख रुपये की लागत से क्रय की गई सेनटरी नेपकिन मेकिंग मशीन अल्मोड़ा पहुंच चुकी है। इस मशीन से उत्पादित सेनटरी नेपकिन बाजार में मिलने वाले सेनटरी नेपकिन की अपेक्षा काफी सस्ता होगा। मशीन लगने से दस महिलाओं को स्थायी रोजगार भी मिलेगा।
सामाजिक विकास एवं प्रबंध समिति की अध्यक्ष लीला जोशी और शंभू जोशी ने बताया कि मुंबई से पांच लाख रुपये की सेनटरी नेपकिन मेकिंग मशीन क्रय कर अल्मोड़ा पहुंच गई है। मशीन को गोलना करड़िया दामूधारा में स्थापित किया जाएगा। मशीन लगने के बाद दस महिलाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा।
उन्होंने बताया कि नेपकिन बनाने वाली यह कुमाऊं की पहली निजी इकाई है। इसमें प्रयुक्त वुड पल्प और जैल शीट अन्य उत्पादों से उच्च गुणवत्ता वाली होगी। बाजार में सेनटरी नेपकिन की कीमत करीब 60-70 रुपये प्रति पैकेट है जबकि अल्मोड़ा में इस इकाई से उत्पादित होने वाली सेनटरी नेपकिन की कीमत 22 से 30 रुपये प्रति पैकेट होगी। साथ ही यह बाजार में उपलब्ध होने वाली नैपकिनों से उच्च गुणवत्ता वाली होगी।
शंभू जोशी ने बताया कि 14 वर्ष से अधिक उम्र की बालिकाओं और टी बोर्ड, टी गार्डन में कार्यरत महिला कर्मचारियों को सेनटरी नेपकिन मुफ्त में दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी सेनटरी नेपकिन का विपणन करने की योजना है।