अल्मोड़ा। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र की प्राकृतिक छटा निराली है। राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार के साथ ही आधारभूत सुविधाएं विकसित हो जाएं तो यहां फिल्म निर्माण की काफी संभावना हैं। मुनस्यारी में बादलों के पार फिल्म की शूूटिंग पूरी करने के बाद मुंबई लौटते वक्त एनटीडी में रंगकर्मी गिरीश धवन के आवास पर अमर उजाला से भेंट में छोटे पर्दे के कलाकार अभिनेता मानव गोहिल ने यह बात कही।
अभिनेता मानव का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र प्राकृतिक रूप से परिपूर्ण हैं। इन स्थानों तक सड़क के रास्ते पहुंचने में काफी समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में यहां हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। इससे जहां टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा वहीं फिल्म इंडस्ट्री भी आकर्षित होगी।
बड़ौदा निवासी मानव एमबीए करने के बाद कंपनी में बिजनेस मार्केटिंग कंस्लटेंट थे। 1998 में मैन ऑफ गुजरात चुने गए। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग शुरू की और मुंबई चले गए। शुरुआत में उन्होंने थियेटर में काम शुरू किया। वह बताते हैं थियेटर में काम करने के दौरान शुरुआत में प्रतिदिन सौ रुपये मेहनताना मिलता था। जिससे काम चल जाता था।
बाद में टीवी सीरियलों के लिए ऑडिशन देने शुरू कर दिए। वह कहते हैं कि ऑडिशन से उन्हें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। छोटे पर्दे में अभिनय की शुरुआत उन्होंने 1999 से चूड़ियां सीरियल से की। इस सीरियल में वह हीरो के दोस्त थे और गिटार बजाते थे। इसके बाद 2000 में कहानी घर-घर की में पात्र विक्रम का अभिनय किया। सीआईडी सीरियल में दक्ष, अगले जन्म मोहे बिटिया कीजो में लाली के पति डॉक्टर का किरदार निभाया। वर्तमान में वह तेनाली रामा सीरियल में राजा की भूमिका में हैं।
इसके अलावा बेटियां पराया धन, वैदेही, नच बलिये, सारा आकाश, यम हैं हम, क्योंकि आदि सीरियलों में काम कर चुके हैं। गुजराती फिल्म एमवे छै में भी उन्होंने अभिनय किया है। इधर मुंबई लौटते वक्त मानव गोहिल को रंगकर्मी गिरीश धवन ने अल्मोड़ा की प्रसिद्ध बाल मिठाई भी भेंट की।